हिंदी कहानियांभूमि ही क्या संसार के जितने भी पदार्थ हैं धन सम्पति हैं मकान आदि हैं, इनमें से कुछ भी तुम्हारा नही हैं.एक दिन उनकें मन में विचार आया, उनहोंने सोचा कि क्यों न वे अपने शिष्यों में ही योग्य वर की तलाश करें.शिक्षा- जब हमे कोई चीज नही मिलती हैं, तो हम उसकी बुराई बताकर मन को दिलासा देते हैं.